1
अपनी बेबसी पर आज रोना आया!दूसरों को नहीं आज मैंने अपनों को आजमाया!!हर दोस्त की तनहाइयां दूर की!लेकिन हर मोड़ पर आज खुद को अकेला पाया!!
2
3
4
5
6
आँखों में आँसुओं की लकीर बन गयी,
जैसी चाही थी वैसी ही तकदीर बन गयी,
हमने तो चलाई थीं रेत में उँगलियाँ,
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गयी।
7
8
9
10
11
12
13
14
इस अजनबी दुनिया में अकेली ख्वाब हूँ मैं
सवालो से खफा छोटी सी जवाब हूँ मैं
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे
दिल से पूछोगे तो दर्द की सैलाब हूँ मैं..
15
16
17
18
19
20
21
अपने दिल की ज़मी पे तलाश कर मुझे
अगर वहा नही तो कही नही मैं
मोहब्बत हूॅ तेरे अहसासो मे
नही तो फिर कही भी नही हूॅ मैं..
22
23
24
25
26
27
28
29
30


























No comments:
Post a Comment