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आप तो चाँद हे जिसे सब याद करते हे
हमारी किस्मत तो तारों जेसी हे याद तो दूर
लोग अपनी ख्वाहिश के लिए
हमारी टूटने की फरियाद करते हे..
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आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला
मैं मोम हूँ उसने मुझे छू कर नहीं देखा..
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अब तो तेरे लिये हम अजनबी हो गये
बातों के सिलसिले भी कम हो गये
खुशियो से ज्यादा गम हो गये
क्या पता ये वक्त बुरा हे या बुरे हम हो गये..
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अक्सर भूल भी जाता हूँ मैं तुझे
शाम की चाय में.. चीनी की तरह..फिर जिंदगी का फिकापन..तेरी कमी का अहसास दिला देता है
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