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क्यों आए मेरी जिंदगी में गर जाना ही था
क्यों हँसाया मुझे गर रूलाना ही था
क्या मैंने कहा था के मुझे तुम्हारी जरूरत है
आओ पास मेरे
क्यों पास आए गर दूरियों को बढ़ाना ही था..
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आपने नज़र से नज़र कब मिला दी
हमारी ज़िन्दगी झूमकर मुस्कुरा दी
जुबां से तो हम कुछ भी न कह सके
पर निगाहों ने दिल की कहानी सुना दी..
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इतनी बेचैनी से तुमको किसकी तलाश है
वो कौन है जो तेरी आंखों की प्यास है
जबसे मिला हूं तुमसे यही सोचता हूं मैं
क्यों मेरे दिल को हो रहा तेरा एहसास है
जिंदगी के इस मोड़ पे तुम आके यूं मिले
जैसे कि कोई मंजिल मेरे इतने पास है 22
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